परिवर्तन तो आवश्यक है क्योंकि – अनुभवों के साथ जीवन को लगातार बेहतर बनाना चाहिये,
यदि गैंहूँ में बदलाव नहीं किया तो उसमें घुन लगेगा ही ।

चिंतन

नीति से चपरासी बनना भी मंज़ूर होना चाहिए, अनीति के साथ चक्रवर्ती बनना भी उचित नहीं ।

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी

Archives

Archives

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930