Ego

Ego is a double edged sword :
Outer edge cuts our Popularity;
While the inner edge cuts our Purity.

(Mr. Dharmendra)

कमल खिलता है सूर्य के निमित्त से, बढ़ता है कीचड़ के निमित्त से,
वही कमल यदि धर्म रूपी ड़ंठल से अलग हो जाये तो वही सूर्य उसे सुखाने और कीचड़ उसे गलाने में निमित्त बन जाते हैं ।

आचार्य श्री विभवसागर जी

“मृत्यु” शब्द भयभीत लोगों की ईज़ाद है ।
जब जन्म ही नहीं हुआ तो मृत्यु कैसे !!

यह तो बस यात्रा है, इसीलिये पुराने लोग मृत्यु को “गुज़र गया”, “देहांत”, “देहावसान” कहते थे ।

ब्र. नीलेश भैया

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