समय और समझ, दोनों का साथ खुशकिस्मत लोगों को ही मिलता है,
क्योंकि, अक्सर समय पर समझ नहीं आती और समझ आने पर समय निकल जाता है ।

(डा. अमित)

शब्द पर अटकने के बजाय, उसके आशय पर जाओ ।
शब्द में इतनी सामर्थ कहाँ कि शब्द के आशय का पूर्ण बखान कर सके ।

नय दर्पण – क्षु. श्री जिनेंद्र वर्णी जी

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031