चींटी चावल ले चली, बीच में मिल गयी दाल ।
कहि कबीर दोऊ ना चलें, एक लै दूजी ड़ार ।।

अगला विश्वयुद्ध भगवान के बनाये हुये इंसानों तथा इंसान के बनाये हुये इंसानों में होगा ।
क्योंकि इंसान इन Robots में सोचने की शक्ति ड़ालने का प्रयत्न कर रहा है और सोचने की शक्ति ही लड़ाई का कारण होती है ।

(श्री गौरव)

मांझी पहले दूसरों को किनारे पर उतारता है फिर खुद उतरता है ।
गुरू/भगवान भी हमको पहले किनारे पहुंचाना चाहते हैं, फिर खुद मोक्ष जाते हैं ।
इसलिये ही तो भगवान ज्ञान प्राप्ति के बाद भी बहुत समय तक संसार में रहते हैं ।

(श्री सुनील )

व्यवहार परिवार के साथ मोह पैदा करता है,
समाज के साथ सेवा भाव पैदा करता है ।
और जो सेवा नहीं करते वे विकलांग हैं ।

मुनि श्री सौरभसागर जी

पीपल के पत्तों जैसा ना बनो, जो वक़्त आने पर सूख कर गिर जाते हैं,
बनो तो मेंहदी के पत्तों जैसा बनो, जो खुद पिस कर भी दूसरों की ज़िंदगी में रंग भर देते हैं ।

श्री कल्पेश भाई

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