Be grateful that you don’t have everything you want.
It means that you still have an opportunity to be happier tomorrow than you are today !
(Mr. Asheesh Mani)
सोना* इसलिये जरूरी है ताकि ‘समय’ पर, ‘समय’ के लिये जाग सकें ।
( समय = Time तथा आत्मा )
सोना** इसलिये ज़रूरी है ताकि समय पर काम आ सके ।
* Sleep
** Gold
चिंतन
Life is like painting,
Draw the lines with Prayers,
Erase errors with Forgiveness,
Dip the brush with lots of Patience,
And colour it with Love.
(Smt. Apurva)
रिश्ते और रास्ते एक सिक्के के दो पहलू हैं ।
कभी रिश्ते निभाते निभाते रास्ते बदल जाते हैं,
कभी रास्ते पर चलते चलते रिश्ते बन जाते हैं ।
(श्रीमति उदया)
One thing i have learn from LIFE is that, getting “UPSET“
will not help…………
Always get “UP” and “SET” your GOALS,
And things will become easier……..
(Shreya)
न अभाव में, न विभाव में, न प्रभाव में रहो,
स्वभाव में ही रहो ।
गांधी जी एक बच्चे के साथ भोजन कर रहे थे ।
बच्चे ने थाली में भोजन छोड़ दिया ।
गांधी जी ने उसकी थाली में से बचा हुआ भोजन खा लिया ।
गांधी जी ने पूछने पर बताया कि मैं झूठा भोजन तो पचा सकता हूँ, पर झूठ नहीं ।
वृक्ष बार बार फल देते हैं,
दान भी बार बार देना चाहिये, जो व्यवहार है ।
व्यवहार बताता है, निश्चय गूंगा होता है ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
जो जगा दे, झकझोर दे, निद्रा तोड़ दे ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
“Life is a question which nobody can answer…..
Death is an answer Which nobody can question….!”
(Mr. Manish – Gwalior)
Worries and tensions are like birds. we can not stop them from flying near us,
but we can certainly stop them from making a nest in our mind.
(Mr. Sanjay)
भगवान से ऐसे मांगें,
जैसे बिना बोलने वाला बच्चा अपनी मां से मांगता है ।
श्री लालमणी भाई
मार्ग पर चलते समय यदि कोई बोलने वाला मिल जाये, तो रास्ता सरल हो जाता है ।
और यदि रास्ता बताने वाला मिल जाये, तो रास्ता जल्दी कट जाता है ।
गुरू मोक्षमार्ग का ऐसा ही साथी और दिशा-निर्देशक है ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
- अंत:करण को अंजुली बनाकर के …..
क्षमा का दान दें ।
- लंबा है जीवन, गल्तियां अपार !
आपके पास है क्षमा भाव अपरंपार,
कर लीजिये विनती स्वीकार !
क्षमा करें हमें हर बार,
क्षमावाणी पर्व को करें साकार ।
- भूल होना प्रकृति है,
मान लेना संस्कृति है,
सुधार लेना प्रगति है । अंत:करण से क्षमायाचना करते हैं ।श्री अरविन्द & निशा बड़जात्या
Pages
CATEGORIES
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- News
- Quotation
- Story
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत – अन्य
- प्रश्न-उत्तर
- पहला कदम
- डायरी
- चिंतन
- आध्यात्मिक भजन
- अगला-कदम
Categories
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- News
- Quotation
- Story
- Uncategorized
- अगला-कदम
- आध्यात्मिक भजन
- गुरु
- गुरु
- चिंतन
- डायरी
- पहला कदम
- प्रश्न-उत्तर
- वचनामृत – अन्य
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
Recent Comments