फुटबाल जब शान, शौकत और शौहरत की हवा से फूल जाती है,
तब सब उसको ठोकर मारने लग जाते हैं।

हमारे अच्छे बुरे कर्मों का असर हमारे बच्चों और बच्चों के कर्मों का असर हम पर क्यों होता है ?

हमारे अच्छे बुरे में बच्चों कि अनुमोदना रहती है इसलिये उन पर भी असर होता है ।

श्री लालमणी भाई

पाषाण में भांति भांति की प्रतिमाऐं बनने की क्षमता है, जिस तरह की प्रतिमा का विकास कर लोगे वैसी ही मूर्ति बन जायेगी ।

आत्मा में भी सब सम्भावनाऐं हैं ।
विभावों को छोड़, स्वभाव की ओर बढ़ें ।

बहुत अच्छे तथा बहुत बुरे में भी कई समानताऐं होती हैं ।
जैसे बहुत कम प्रकाश में दिखता नहीं है, बहुत ज्यादा प्रकाश में भी नहीं दिखता है ।
बहुत कम Frequency सुनायी नहीं देती है, बहुत ज्यादा भी नहीं ।

बहुत बुरों में से उन बातों को ग्रहण कर सकते हैं ,जो अच्छों में भी हैं ।
जब ऐसा दॄष्टिकोण होगा तब हम – बुराई से दूर रहेंगे और बुरों से घृणा नहीं करेंगे ।

(श्री गौरव)

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