Month: March 2026

सल्लेखना

क्षु. श्री जिनेंद्र वर्णी जी की सल्लेखना आचार्य श्री विद्यासागर जी के सानिध्य में चल रही थी। एक दिन आचार्य श्री सम्बोधन देने देर से

Read More »

ज्ञान

बड़ों के अनुभव पर आधारित कहानी किस्सों से छोटों को आसानी/ रुचि के साथ ज्ञान ग्राह्य हो जाता है। ये आधारित होती हैं धूप, छांव

Read More »

दया

दया तो आत्मा का स्वभाव है, हर जीव में पाया जाता है, अपने बच्चों के प्रति हिंसक जानवरों तक में। जैसे-जैसे आत्मा विशुद्ध होती जाती

Read More »

स्व-पर कल्याण

आचार्य श्री ज्ञानसागर जी* फल (धर्म-पुरुषार्थ) खाकर चले गये। गुठली भी बोई (आचार्य श्री विद्यासागर जी)/ पौधे को संवारा, विकसित भी कर गये। जिस पर

Read More »

दान

अभक्ष्य खाने वाले को, अभक्ष्य देना दान में नहीं आयेगा। क्योंकि दान तो स्व-पर हितकारी होता है। अभक्ष्य देने में स्व का अहित तो है

Read More »

प्रमाद

प्रमाद जीतने के उपाय … विकथा –> शास्त्रानुसार भाषण या मौन। कषाय –> कलुषित भावों की निंदा करें/ क्षमा धारण करें। विषयासक्ति –> लोकनिंदा का

Read More »

सापेक्ष

सापेक्ष… तीन मित्र घूमने निकले। घोंघा कछुए की पीठ पर, शिकायत करता रहा –> धीरे चलो। साथ में खरगोश को कछुए से शिकायत थी ——>

Read More »

आयु

देव, नारकी तथा भोगभूमिज की आयु बहुत बड़ी-बड़ी, मनुष्य/ तिर्यन्च की कम क्यों ? मनुष्य/ तिर्यन्च संयम ले सकते हैं और संयम लेने के लिये

Read More »

Advice

Good advice is always certain to be ignored, but that’s no reason not to give it. J. L. Jain (Agatha Christie)

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

March 21, 2026