Month: June 2026

कर्म फल

कर्म अपना फल द्रव्य, क्षेत्र, काल तथा भाव के अनुसार देते हैं। वर्तमान में पहले तीन हमारे नियंत्रण में नहीं, पर हम भावों को सुधार

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अंतरंग यात्रा

गाड़ी जब रिवर्स में जाती है तब गति तो कम पर सावधानी ज्यादा रखनी पड़ती है। ऐसे ही बाहर से अंदर की यात्रा करते समय

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छद्मस्थ

छद्मस्थ… जिनकी आत्मा में आवरण स्थित है। सूत्र (9/10) में दसवें गुणस्थान के बाद आया है सो ज्ञान/दर्शनावरण ही लेना। सैद्धांतिक दृष्टि से 1-10 गुणस्थान

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श्रमण

श्रवण करके जो तप (अंतरंग) करें, वो श्रमण। मुनि श्री प्रणम्यसागर जी

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राग / मोह

राग –> हिलमिल कर रहना। मोह –> उनके बिना न रह पाना। मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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मूलगुण

आचार्यों के मूलगुणों में 10 धर्म लिए, मुनियों के लिए क्यों नहीं ? आचार्यों को संघ चलाना होता है। उसमें क्रोध आदि आने की संभावना

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धर्म / धर्मात्मा

धर्म से ज्यादा (जल्दी) कल्याण धर्मात्मा से। नमोस्तु धर्म को, आशीर्वाद धर्मात्मा से। पूजा धर्म की, फल धर्मात्मा बनने पर। 3 अनुयोगों (75% धर्मशास्त्र) में

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सूक्ष्म

सूक्ष्म जीवों को कोई कुचल नहीं सकता। यदि हम भावों से सूक्ष्म बन जाएँ तो कोई भी हमको आहत नहीं कर सकता है। चिंतन

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भूख / जान

सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर चीता होता है। फिर भी वह 10 बार शिकार के पीछे दौड़ता है तो एक बार शिकार को पकड़ पाता

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मंगल आशीष

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June 10, 2026