Month: September 2026
भगवान की भाषा
भगवान की भाषा कौन सी भाषा जिसमें कम्युनिकेशन स्थापित होता है ? भगवान को तो 18 मुख्य तथा 700 अन्य भाषा में सुना/ समझा जाता
सुख / हित
बच्चों के सुख को प्राथमिकता दें या हित को ? सुख मन के लिए होता है, हित जीवन के लिए। सुख को प्राथमिकता दी तो
विसंयोजन / संक्रमण / उद्वेलना
विसंयोजना…विसंयोजना में अनंतानुबन्धी का बाकी तीन कषायों में परिवर्तन,यह सिर्फ़ अनंतानुबंधी की ही। संक्रमण…संक्रमण में द्रव्य वापस नहीं होता, यह 148 प्रकृतियों का। उद्वेलना… मिथ्यात्व,
द्रव्य / पर्याय
अभव्य में केवलज्ञान… शक्ति रूप। भव्य में केवलज्ञान…..अभिव्यक्ति रूप । द्रव्यार्थिक नय… ठर्रा मूंग। पर्यायार्थिक नय…. केवलज्ञान प्रकट नहीं। द्रव्य महत्त्वपूर्ण नहीं, पर्याय महत्त्वपूर्ण है।
कर्म सिद्धांत
अकाउंट में डबल एंट्री होती हैं, लेन-देन की अलग-अलग। कर्म सिद्धांत में भी ऐसा ही है… जिसने गाली खाई उसके में -ve एंट्री हो गई
सिद्धों के गुण
सूक्ष्मत्व नामकर्म के अभाव से। अवगाहनत्व आयु कर्म के अभाव से। अव्याबाध… सुख नहीं गुण प्राप्त हुआ, गोत्र कर्म या वेदनीय कर्म के अभाव से।
अपना क्या ?
ईर्ष्या होती है दूसरों को बढ़ते देखकर, उदास होते हो तो दूसरों की वजह से, उम्मीद करते हो तो वो भी दूसरों से, डर लगता
जीव
संसारी जीव… जो दु:ख से डरे और सुख की इच्छा करे। (श्री आत्मानुशासन… आचार्य श्री गुणभद्र स्वामी।) जीव… चेतना/ ज्ञान/ दर्शन युक्त। मुनि श्री प्रणम्यसागर
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