Category: डायरी
धनोर्पार्जन
धनोर्पार्जन के 2 तरीके – 1. Any How – धनोर्पार्जन, कैसे भी, Moral Values की चिंता किये बिना । 2. Know How – धनोर्पार्जन विवेक
मिठास
मिठास मिश्री जैसी हो – आंतरिक, इसलिये वह श्वेत, पारदर्शी होती है, जलेबी जैसी बाह्य नहीं, जिस वजह से वह अपने ही लपेटों में उलझी
Critics
When People say they can’t see anything good in you.. HUG them.. Because LIFE is very difficult for BLINDS.. (Manju)
पाप / पुण्य
पुराने/गंदे तथा नये नोट में से पहले कौन सा खर्च करोगे ? पुराना । ऐसे ही पाप/पुण्य में से, पहले पाप निपटायें ।
विद्वान / बुद्धमान
विद्वान जो छोटी बात को बड़ा कर दे । बुद्धमान जो बड़ी बात को छोटा कर दे । मुनि श्री प्रमाणसागर जी
माँगना
छोटे (वर्तमान) समस्या का समाधान मांगते हैं, जैसे दुर्योधन ने सेना माँगी, कृष्ण नहीं । बड़े ऐसा देते हैं (बिना मांगे) जिससे समस्या आयेगी ही
Non-violence
Non-violence is the first article of my faith. It is also the last article of my creed (धर्म/धर्म-मत/स्वीकृत-मत). Mahatma Gandhi
मंत्र से भगवान
मंत्र से पत्थर की मूर्ति भगवान बन जाती है, पर मनुष्य ? मनुष्य मंत्र से नहीं, गुरु की मंत्रणा से मूर्ति रूप भगवान ही नहीं
मन चंचल
मन तो चंचल ही होता है, चाहे साधु का ही क्यों न हो ! आ. श्री शांतिसागर जी – पर साधु मन के विकल्पों को
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