Category: डायरी

आचरण

पिंजरा तो खुल गया परंतु पंख ही न खुले तो क्या होगा ? दीपक तो जल गया परंतु आँख ही न खुले तो क्या होगा

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रिश्ते

रिश्ते हों या बर्फ…दोनों को बनाने और बनाये रखने के लिये… ठंड रखनी बहुत जरूरी है । (सुरेश)

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क्षमा भाव

■ संसार के सब जीवों (मनुष्य, पशु, पेड़ पौधे) को unconditional क्षमा, सब से unconditional क्षमा । ■ “श्री” भगवान के नाम से पहले 1008

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उत्तम ब्रम्हचर्य

●ब्रम्हचर्य • पाँचों इंद्रियों के संयम को कहते हैं; • स्त्रीयों के सम्मान में है; • असुंदर/कुरूप के प्रति घ्रणा न होना ब्रम्हचर्य है ।

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उत्तम आकिंचन्य

• आकिंचन्य = किंचित भी मेरा नहीं । • पूर्ण त्याग के बाद जो बचा, वह आकिंचन्य । • बाज़ार में एक से बढ़कर एक

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उत्तम त्याग

• त्याग में प्रत्युपकार आया तो वह तामसिक होगया, प्रदर्शन के साथ राजसिक, कर्तव्य मानकर छोड़ा जैसे सफाई करके हल्कापन महसूस करते हैं, तो सात्विक

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उत्तम तप

■ इच्छा निरोधः तपाः आचार्य श्री विद्या सागर जी ■ आचार्य श्री विद्या सागर जी ने उपवास शुरू किये । मुनिजन आहार के लिए रोज

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उत्तम संयम

संयम = • नज़र पर नज़र रखना; • वापस लाना जैसे बैल के ग़लत रास्ते जाने पर किसान लगाम खींचकर वापस लाता है; • व्रतादि

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उत्तम सत्य

सत्य वह जो स्वयं को तथा औरों को सुख पहुंचाये और पवित्र करे । • यदि आप अपने को शरीर या आत्मा में से कोई

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मंगल आशीष

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