Category: डायरी

संहनन

आचार्य श्री विद्यासागर जी से पूछा – इतनी सर्दी में आप बिना कपड़ों के कैसे सह लेते हैं ? आचार्य श्री – गर्मियों में गर्मी

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Wisdom

“Knowledge decides what to say. Behaviour decides how to say. Talent decides how much to say. Wisdom decides whether to say or not.” (J.L.Jain)

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सत्य की परीक्षा

सत्य की ही परीक्षा क्यों होती है ? सत्य बोलना या सत्य बोलने का संकल्प लेने का मतलब… आपने हायर क्लास में जाने का फॉर्म

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रिश्ते

मैंने तो मज़ाक में रोकी थी अपनी साँस, रिश्ते खुले तो शर्म से मरना पड़ा मुझे। (अरविन्द)

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शांति

आचार्य श्री विद्यासागर जी के पास एक व्यक्ति को लाया गया जो सुसाइड करना चाहता था। आचार्य श्री स्वाध्याय कर रहे थे। वह व्यक्ति बैठा

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Empathy

अपने आप को सामने वाले की स्थिति में रखकर सोचना, Empathy कहलाता है। (एकता – पुणे)

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शिष्य / भक्त

आचार्य श्री विद्यासागर जी अपने शिष्यों और भक्तों को सिंह बनाते थे, इसलिए हंटर जैसा अनुशासन रखते थे, श्वान नहीं जिसको पट्टा डालकर घुमाया जाए।

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प्रतिध्वनि

हमारा संसार प्रतिध्वनियों का ही है, जिसे हम प्रतिपल जी रहे हैं। पाप कर्मों की भी प्रतिध्वनियां सताती हैं, क्रिया एक प्रतिक्रिया अनेक। यह सिद्धांत

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स्वतंत्रता दिवस

1947 से पहले का भारत Physically गुलाम था, पर आज का भारत दिमागी तौर पर Ethically गुलाम है। गुणों का नीलाम होना ही गुलाम बनाता

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भादों में सावधानी

इस भादों के मास में… छाछ का निषेध है, और तीखा खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान –

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मंगल आशीष

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