Category: डायरी
जीवन
जीवन एक दर्पण है, यदि तुम मुस्कराओगे तो वह भी मुस्करायेगा। (दिव्या-लंदन)
Absolute
One can speak lie, but no one can speak only lie. Shri Ratn Sunder Sureswar ji
मृत्यु
मृत्यु से भय क्यों ? पुराने सम्बंधों को छीन लेती है ! मृत्यु तो पुरानी गंध में , बसंत की सूचना है । देहावसान है
खामोशी
खामोशी से भी कर्म (धर्म) होता है, मैंने देखा है- पेड़ों को छांव देते हुए। (शैला)
Test
Perception of beauty is a moral test. (in all fields – materialistic & natural)
निंदा
निंदा न करने वाला तो अपना कल्याण कर ही सकता है, करने वाला* भी कल्याण कर सकता है। लेकिन निंदा सहने वाले का कल्याण अवश्यम्भावी
लोभ
जिनको अंदर के वैभव का एहसास हो जाता है, उनका बाहर के वैभव के प्रति आकर्षण समाप्त हो जाता है। (शशि)
Action
Difference between – “What you are” & “What you want to be” is – “WHAT YOU DO” (Parul-Delhi)
महूर्त
सिर्फ दो activities बिना मुहूर्त के होती हैं- जन्म और मरण और ये दो activities ही सफल रहती हैं / निर्विघ्न तथा शाश्वत होती हैं।
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