मैं क्या जानता ?
नहीं जानता,
गुरु जानते ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

गंध खायी नहीं जा सकती, ऐसे ही जिसकी सौगंध ली जा रही हो जैसे “भगवान की”, तो उसे भी तो खा नहीं सकते ।
अत: सौगंध नहीं खाना चाहिये ।

मुनि श्री सुधासागर जी

चिड़ियाँ अपने बच्चों को “घौंसला” नहीं देतीं,
सिर्फ ऊँचाइयाँ पाने का “हौंसला” देती हैं ।
मनुष्य सिर्फ घौंसले और घौंसले ही देते हैं ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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