????????????????????????????????????????????????????
हित चाहने वाला पराया भी अपना है
और
अहित करने वाला अपना भी पराया है !
रोग अपनी देह में पैदा होकर भी हानि पहुंचाता है
और
औषधि वन में पैदा होकर भी हमारा लाभ ही करती है ।
????????????????????????????????????????????????????
(अनुपम चौधरी)
पूरी जिंदगी लगा दी चाबी खोजने में,
अंत में पता चला कि ताला तो क्या, दरवाजे भी नहीं हैं…
परमात्मा के घर में ।
भीतर शून्य ! बाहर शून्य !! शून्य चारौ ओर है !!!
“मैं” नहीं है मुझमें, फिर भी “मैं-मैं” का ही शोर है ।
इसी तू-तू—मैं-मैं के चक्कर में भगवान के घर की ओर नज़र उठाने की फुर्सत ही कहाँ मिली !
(मंजू)
सम्मान के भूखे हैं लोग यहाँ..,
दुआओं के नहीं ।
सैल्यूट मारने वाले को सौ रुपये…
और..
दुआएं देने वाले को चिल्लर देते हैं लोग ।
(सुरेश)
In those places where the Tsunami hit and destroyed things, people still go to the beach and love the sea.
Action:
Identify relationships that you cherish so much, even if they hit you like a Tsunami, you will continue loving them.
(Suman Lata – Delhi)
Artificial intelligence is no match for natural stupidity .

(श्रीमति शर्मा)
गांठ पड़ते ही धागादि छोटे हो जाते हैं ।
मन में गांठ पड़ते ही मन भी छोटा (खोटा) हो जाता है ।
यदि गांठ पड़ ही गई है तो जल्द से जल्द खोल लो ताकि original स्थिति बन जाये ।
जो नि:शुल्क है वही सबसे ज्यादा कीमती है, जैसे हवा, पानी, नींद, शांति, आनंद, प्रकाश और सांसें ।
(सुरेश)
(और हम इनको ही सबसे कम value करते हैं)
क्या रिश्ते स्वार्थ पर आधारित होते हैं ?
रिश्ते स्वार्थ से नहीं बनते, स्वार्थ से तो टूटते हैं ।
जो स्वार्थ पर आधारित होते हैं, उन्हें रिश्ते कह ही नहीं सकते ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
मूक नहीं, मौन रहो ।
आचार्य श्री विद्यासागर जी
????????????????????????????????????????????????
जहां विश्वास है वहां सबूत की ज़रूरत नहीं होती…
आखिर गीता पर भी कहाँ श्रीकृष्ण के दस्तखत हैं !
(अनुपम चौधरी)
Give a smile that goes a mile.
Smile is a curve that can straighten lot of things.
Keep smile, be humble.
2 प्रकार की –
1 . बाह्य –
- व्यापार/रिश्वत
- रिश्तों में
- समाज/राष्ट्र के प्रति
2. अंतरंग –
- धर्म के प्रति
- अपनी आत्मा से
और ये सब हैं बढ़ते क्रम में ।
चिंतन
Pages
CATEGORIES
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
- 2025
- 2026
- News
- Quotation
- Story
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत – अन्य
- प्रश्न-उत्तर
- पहला कदम
- डायरी
- चिंतन
- आध्यात्मिक भजन
- अगला-कदम
Categories
- 2010
- 2011
- 2012
- 2013
- 2014
- 2015
- 2016
- 2017
- 2018
- 2019
- 2020
- 2021
- 2022
- 2023
- 2024
- 2025
- 2026
- News
- Quotation
- Story
- Uncategorized
- अगला-कदम
- आध्यात्मिक भजन
- गुरु
- गुरु
- चिंतन
- डायरी
- पहला कदम
- प्रश्न-उत्तर
- वचनामृत – अन्य
- वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
- वचनामृत-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण – मुनि श्री क्षमासागर
- संस्मरण – अन्य
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर
- संस्मरण-आचार्य श्री विद्यासागर

Recent Comments