भाग्य बीज है,
पुरुषार्थ बोना ।
उचित फसल (फल) लेने के लिये दोनों आवश्यक हैं ।
मुनि श्री सुधासागर जी
निंदा सुनने/सुनाने में मान को सुकून मिलता है ।
गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी
Even if you are on the right track,
you will get run over if you move slowly.
हम बालों की स्याही खत्म होने तक भी दिल की स्याही खत्म नहीं कर पाते हैं ।
(डॉ.पी.एन.जैन)
तेंदुलकर बनने में पुरुषार्थ की मुख्य भूमिका थी,
पर उनका ज़ीरो पर आऊट होना, भाग्य था ।
चिंतन
Hope is good breakfast,
but
a bad supper.
विकृति को परिष्कृत करना संस्कृति है,
जैसे पत्थर से विकृति निकालने से वह भगवान बन जाता है ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
ज़हर देने वाले को सज़ा होती है,
तम्बाखू/शराब का ज़हर देने वाले को धनाढ़्य का सम्मान ।
सिर्फ मनुष्य ही ऐसा प्राणी है जिसके शब्दों में ज़हर होता है ।
(श्रीमति शर्मा)
पेड़ गिरे हुये फूलों की तरफ ना देखकर, नये फूलों की रचना करने लगता है ।
जो धर्म को धारण करता है, वह उदाहरण बन जाता है ।
मुनि श्री प्रमाणसागर जी
Change is life,
Growth is optional.
Choose wisely.
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