चेहरा देख कर इनसान पहचानने की कला थी मुझमें …..,

लेकिन तकलीफ़ तो तब हुई जब इनसानों के पास चेहरे बहुत निकले ।

(शशि)

अपना संपूर्ण जीवन देकर
‘पानी’ वृक्ष को
बड़ा करता है…,

इसलिए शायद “पानी” लकड़ी को
कभी डूबने नहीं देती..

माता पिता की भी यही भूमिका है हमारे जीवन में !

(धर्मेंद्र)

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930