परखो… तो कोई अपना नहीं,
समझो… तो कोई पराया नहीं ।

(ललित-ग्वालियर)

किसी की अंतिम यात्रा में जाओ तो यह मत समझना कि आप उसे उसकी मंज़िल पर ले जा रहे हैं…
बल्कि ,
यह समझना कि अर्थी पर लेटा इंसान…
मुर्दा होकर भी तुम्हें तुम्हारी मंज़िल दिखाने ले जा रहा है ।

(मंजू)

दुख में
स्वयं की
एक उँगली ही
आँसू पोंछती है,

और
सुख में
दसों उँगलियाँ
ताली बजाती हैं ।

जब
अपना
शरीर ही
ऐसा करता है,

तो
दुनिया का
गिला शिकवा
क्या करना !!

(अभिषेक-देहली)

एक शैतान ने एक बुज़ुर्ग से कहा तुम्हें ईश्वर पर बहुत विश्वास है ?
तो एक काम करो,
एक ऊँचे पहाड़ से छलांग लगा कर बताओ,
यदि तुम्हारा ईश्वर तुम्हारी रक्षा कर ले तभी मानूँगा कि ईश्वर है ।
बुज़ुर्ग व्यक्ति ने मुस्कुराकर जवाब दिया…..
यह ईश्वर का काम है कि वह मुझे आज़माए,
मेरा काम नहीं कि मैं ईश्वर को आज़माऊँ ।
दूसरा,
मैं भगवान की बात मानता हूँ,
शैतान की नहीं ।

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April 8, 2022

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