अंदाज़ कुछ अलग है मेरे सोचने का…

सबको मंज़िल की तमन्ना है,
मुझे रास्ते की ।

(श्रीमति शर्मा)

चार जगह मनुष्य को अच्छे विचार आते हैं –
१) गर्भ में
२) बीमारी में
३) शमशान में
४) धर्म-श्रवण करते समय

यदि ये विचार स्थिर और दृढ हो जाए तो मानव भवबन्धन से मुक्त हो जाता है ।

(आर.के.गुप्ता)

इनमें धर्म-श्रवण लम्बे/हर समय प्राप्त हो सकता है ।

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