The greatest challenge in life is discovering who you are.
The second greatest is being happy with what you are.

(Mrs.Ekta)

लोग मंज़िल को मुश्किल समझते हैं,
हम मुश्किल को मंज़िल समझते हैं |
बडा फ़र्क है लोगों में और हम मैं,
लोग ज़िंदगी को दोस्त और हम दोस्त को ज़िंदगी समझते हैं ||
आदतें अलग हैं हमारी दुनियाँ वालों से,
कम दोस्त रखते हैं मगर लाज़वाब रखते हैं |
क्योंकि बेशक हमारी माला छोटी है,
पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हैं ||

अज्ञान दशा में जोड़ा है (जरूरत से ज्यादा) तो ज्ञान दशा में छोड़ दो ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

किसकी बात मानें ?
मन की ?
मन तो मोह में मदहोश रहता है !!

दूसरों की ?
वे भी रागीद्वेषी हैं, सही सलाह कैसे देंगे !!

सच्चे देव, गुरू. शास्त्र की मानो,
उन्हें सुनकर, समझकर अपने विवेक की मानो ।

चिंतन

यदि मंदिर सिर्फ मंदिर जाने के लिये जा रहे हो तो याद रखना उस मंदिर के चूहे आदि बनोगे ।
यदि अपने अंदर जाने के लिये जा रहे हो तो मंदिर के अंदर बैठे भगवान बनोगे ।

आचार्य श्री विशुद्धसागर जी

आँखों में कचरा गिरते समय, पलकें कचरे से आँखों को बचाने का पूरा प्रयास करतीं हैं, चाहे कचरा गिरे या आँखें बचें ।
दांतों में कुछ फंसने पर जीभ उसे निकालने का लगातार प्रयास करती रहती है चाहे डॉक्टर भी तिनका निकालने में लगा हो ।

श्री लालमणी भाई

Archives

Archives

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930