चलना छोड दिया ,क्रियाऐं करने बैठ गये ।

उपवास करने से मौलिक तत्व बाहर आने लगते हैं ।
ना कर पाओ तो जलोपवास कर सकते हैं ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

लोहा यदि पड़ा रहे तो जंग लग जाती है ।
उसे तपाकर यदि उसकी सुई/चाबी बना ली जाये तो, जोड़ने/गुंथियों के ताले खोलने जैसी उपयोगी चीजें बन जाती हैं और जंग भी नहीं लगती ।

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