The four hardest tasks on earth –

1) To return love for hate,
2) To include the excluded,
3) To forgive without apology,
And
4) To be able to say “I was wrong“.

(Mr. Dharmendra)

गुरू श्री क्षमासागर जी से पूछा – अपनी माँ को देखकर आपको राग नहीं होता ?

गुरू श्री – सब माँ, बहनों को माँ मानने लगो तो एक माँ में राग क्यों होगा !!

गुरुवर मुनि श्री क्षमासागर जी

“गलती” जीवन का एक पन्ना है, पर “रिश्ता” पूरी किताब है ।
जरूरत पड़ने पर गलती का पन्ना फाड़ देना लेकिन एक पन्ने के लिये पूरी किताब मत खो देना ।

(श्री मनीष – ग्वालियर)

कोई किसी के लिये नहीं रोता ।
रोते हैं, अपने राग के कारण ।

ज्ञानी के परिवारजनों का भी विछोह होता है, वह क्यों नहीं रोता ?

क्योंकि उसके राग कम होता है ।

आचार्य श्री विशुद्धसागर जी

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