Love gives nothing but itself and takes nothing but from itself.
Love possesses not, nor would it be possessed.
Love has no other desire but to fulfill itself.
Love one another but make not bond of love.

Sri Khaleel Gibran (Mr. Gaurav)

जितनी उपेक्षा करोगे उतनी सुख,शांति पाओगे ।
इसका अर्थ यह नहीं कि घर वालों से संबंध ही छोड़ दें, उनसे बस मोह कम कर दें/ उनसे मूर्च्छा न रखें ।

क्षु. श्री गणेशप्रसाद वर्णी जी

मुस्कराहट वो हीरा है, जिसे आप बिना खरीदे पहन सकते हैं,
और जब तक ये हीरा आपके पास है, आपको सुंदर दिखने के लिये किसी चीज़ की ज़रूरत नहीं है ।

(श्रीमति रिंकी)

वर्तमान मे जीना ही समझो “मन का स्थिर होना है” ।
आचार्य कहते हैं… सारी योजनायें छोड़ दो, मात्र वर्तमान का अनुभव करो ।
जो वर्तमान का उपयोग करेगा, वह अवश्य ही आगे चलकर वर्धमान बनेगा ।

(श्री संजय)

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