Live life like a pair of walking legs…
The foot forward has no pride and the foot behind has no shame…
Because both know their situation will change…

(Mr. Pranjal)

अतीत में जीना मोह है, भविष्य में जीना लोभ है और वर्तमान में जीना कर्मयोग है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

शांति चाहने वाले “No Admission” का बोर्ड़ लटका लेते हैं ।
(“पर” को “निज” में नहीं आने देते)

आचार्य श्री विभवसागर जी

अशांति चाहते हो तो “To Let” का बोर्ड़ लगा लो ।
“पर” को बुला बुला कर अंदर रखो ।

कु. विनिता जैन – बरेली

सोने चांदी के बाजार में सफाई-कर्मचारी नालियों के कचड़े में बहुत खोजबीन करते हैं, कचड़ा छोड़ते जाते हैं और सोने चांदी के टुकड़े जमा कर लेते हैं ।

श्री सौरभ जैन नोयड़ा

मीठे फलों से बाजार भरा पड़ा है,
कड़वे भी तो पैदा होते होंगे !
वे क्यों नहीं दिखते ?
मीठे फलों के पेड़ लगाये जाते हैं/उगाये जाते हैं/जमा किये जाते हैं/भेंट में एक दूसरों को दिये जाते हैं ।

ऐसे ही, शुभ-भावों को उगायें, दूसरों के द्वारा उगाये हुओं को भी जमा करें, एक दूसरों के साथ बांटें ।

चिंतन

ज्ञान इतना उपयोगी नहीं,
ज्ञान होने से जो जीवन में सावधानी/विवेक आता है, वह उपयोगी है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

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