Live well and happily in this world…
It’s the best revenge to those who have cheated you and avoided in their life.

(Mr. Dhermendra)

तिरस्कार को यदि सही परपेक्ष में लिया जाए, तो वह प्रेरणाश्रोत बन जाता है ।
तुलसीदास जी की पत्नी का तिरस्कार ही उनकी महानता में निमित्त बना ।

श्री सुनील जैन- दिल्ली

एक शेर को अपना मंत्री नियुक्त करना था,
उसने सब जानवरों को बुला कर पूँछा – मेरे मुँह से कैसी गंध आती है ?
गधे ने सूँघा और कहा – दुर्गंध आ रही है ।
गीदड़ ने कहा – सुगंध आ रही है ।
सियार ने कहा – मुझे तो ज़ुकाम हो रहा है ।

सियार का चयन हो गया ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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