Expecting and Accepting are two sides of life.
Expecting can end in tears,
but Accepting brings you cheers.
Accept life the way it comes.

घड़ी लगातार टिक टिक करती रहती है, पर क्या टिक टिक की आवाज़ पर कोई गौर करता है !
पर घंटों की आवाज़ पर हर कोई गौर करता है ।

बच्चों आदि को हर समय नहीं टोकना चाहिए वरना वे आपकी बातों पर ग़ौर नहीं करेंगे ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

गले में खराशें पड़ने पर नमक के गरारों से फायदा होता है ।
पर खराशें बहुत बढ़ जाने पर/छालों का रूप ले लेने पर वही नमक का पानी बीमारी बढ़ा देता है ।

बच्चों को बचपन में care/मोह सहायक होता है, बड़े होने पर हानिकारक ।

चिंतन

दुकान खोलते हैं ताकि ग्राहक ज्यादा आयें/फायदा ज्यादा हो ।

पूजापाठ क्यों करते हैं ?
भगवान बनने के लिये या श्रीमान बनने के लिये ?

आचार्य श्री विद्यासागर जी

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