असली फूलों के गुलदस्ते में से यदि एक फूल निकालकर नकली फूलों के गुलदस्ते में लगा दें और एक नकली फूल निकालकर असली गुलदस्ते में,
तो उस एक नकली फूल को सब असली समझने लगेंगे और असली फूल को नकली ।

चिंतन

गालियों के गणित में जोड़ कम, गुणनफल ज्यादा होते हैं ।
(तुम 3 गालियाँ दोगे, तो सामने वाला 6 नहीं 3×3=9 गालियाँ देगा)

गाली देना उसकी मर्जी है, पर लेना या ना लेना हमारी ।
गाली एक बैरंग ( Without Ticket ) चिट्ठी है, जो आपके पते पर आती है,
यदि लोगे तो दुगने टिकिट के पैसे देने होंगे ।

हम कितने होशियार हैं – हमने ज्ञान को पुस्तक में, काल को घड़ी में और अमूर्तिक को मूर्तिक में बदल लिया है ।
हम मूर्तिक के आदी हैं, इसलिये सबको मूर्ति के रूप में ही देखना चाहते हैं ।

आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी

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