भक्ति में Repetition है, ज्ञान में नहीं ।

चिंतन

यदि आप कहीं जा रहे हैं और बिल्ली रास्ता काट जाये तो इसका क्या मतलब है ?
बिल्ली भी कहीं जा रही थी !

(श्री धर्मेंद्र)

विदेशों में कई जगह बिल्ली का रास्ता काटना शुभ माना जाता है ।

कुछ दिन धर्म का अभ्यास करके घास फूंस (विकार/कषाय) हटाकर, क्षमा का पानी ड़ाल कर, जो खेत जोता (तप/संयम) है, उसे उसी Stage पर छोड़ दिया तो पहले से भी बुरे हाल में लौटोगे (मिला तो कुछ नहीं, पसीने पसीने हो गये) |
क्या Operation की Table पर लेट कर केवल पेट खुलवाकर वापस आओगे ?

धर्म का प्रयोग करके फसल का इंतज़ार तो करो ।

एक नाई लोगों की मालिश करते करते ऊब गया और दुःखी होकर कुंये में गिर कर अपनी जान दे दी ।
गिरने की आवाज सुन मेंढ़क के सरदार ने पता किया कि कौन गिरा,
और यह पता लगने पर कि नाई मरा है, उसने नाई को बुलवा कर अपनी मालिश शुरू करवा दी ।

श्री लालमणी भाई

कर्म कभी समाप्त नहीं होते, आत्मघात करने से भी नहीं, बढ़ ही जाते हैं ।

विहार करते समय आचार्य श्री ने कहा -यदि पट्टी (सड़क पर खींची सफेद पेंट की लाईन) पर चलोगे तो पट्टी नहीं बंधेगी (पैरों पर) ।

( सड़क के बीच में कांटे भी नहीं होते हैं और पेंट की वजह से वहां सड़क Smooth तथा गर्मीयों में गर्म भी कम होती है )

जिव्हा 4 अंगुल की होती है । पर 32 सिपाहियों (दातों) के पकड़ में भी नहीं आती है, हाथ से भी Slip हो जाती है, और तो और दूसरे 32 सिपाही ( नकली दांत ) भी लगालो तो भी पकड़ में नहीं आती है, ना कभी बूढ़ी होती है, हमेशा लाल और रसदार होती है । भोजन करते समय पेट तो इशारा देता है, पर जिव्हा मानती ही नहीं, जिव्हा की शल्य चिकित्सा भी नहीं होती, पर इसकी वजह से पेट की करानी पड़ती है ।

हम ईमानदार होते हुये भी इस क्षेत्र में बड़े बेईमान हैं ।
( इससे बहुत सावधान रहना )

पैरों में कांटे गढ़े, आंखो में फ़ूल, आंखे चली क्यों ?
( पैर में कांटे तभी लगते हैं जब आंखे बाहर की सुंदरता से आकर्षित हो असावधान हो जातीं हैं। )

असावधानी से अच्छे  काम का Result भी अच्छा नहीं होता है ।

अंधे को खीर खाने दी ।
अंधे ने पूछा – खीर कैसी होती है ?
सफ़ेद ।
सफ़ेद कैसा होता है ?
बगुले जैसा ।
बगुले की गर्दन तो टेड़ी होती है, गले में फ़ंस जायेगी, मैं खीर नहीं खाऊंगा!

कुछ लोग, धर्म के क्षेत्र में इसीलिये नहीं आते क्योंकि शायद वे अंधे हैं, कहीं धर्म उनके गले में अटक ना जाये ।

श्री लालमणी भाई

S. L. भाई  ने आचार्य श्री से पूछा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा इतनी छोटी परिस्थितियों से उठ कर इतनी बड़ी जगह कैसे पहुंच गये ?
आचार्य श्री – सुना है वो गले में किसी हिन्दु भगवान की फ़ोटो लटकाते हैं, इसका मतलब अहिंसा में विश्वास रखते हैं, यह भी अपने आप में एक बड़ा कारण हो सकता है।
वैसे कर्म प्रक्रिया बड़ी जटिल है इसे समझना कठिन है।

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