अज्ञानी व्यक्ति ग़लती छिपाकर
बड़ा बनना चाहता है,
औऱ
ज्ञानी व्यक्ति ग़लती मिटाकर
बड़ा बनना चाहता है ।

(सुरेश)

इच्छाओं के निरोध का पहला कदम है – दूसरों से अपेक्षा कम करते हुए, समाप्त करना ।
सरल को पहले tackle करना/गरम खिचड़ी के बाहर वाली पहले खाना ।

यदि दूसरों से अपेक्षा रखी, तो उपेक्षा के लिए तैयार रहें ।

ग्रह/नक्षत्र ऊर्जा पिंड़ हैं ।
इनकी गति से वातावरण के अवयवों की Chemistry बदलती रहती है ।
हमारे शरीर में भी वे ही अवयव हैं, सो हम पर भी प्रभाव पड़ता तो है पर पुरुषार्थ और पुण्य ज़्यादा प्रभावक होते हैं ।

धर्म/संप्रदाय तो अलग अलग होंगे ही, क्योंकि विश्वास/संस्कार सबके अलग अलग होते हैं, उनको ऊपर उठाने में आपत्ति नहीं ।
पर दूसरे धर्मों को गिराना साम्प्रदायिकता है, अपराध है ।

ग्रहस्थ, क्रोध आदि पर नियंत्रण कैसे करें ?
कषाय आए तो आने दो,बाढ़ को रोको ।
बाढ़ याने अति/ किनारे (सीमा) टूटना ।
बाढ़ रोकने में स्वाध्याय व सुसंगति बहुत सहायक होते हैं ।

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