“मन” बड़ा चमत्कारी है,
…. इसके ……
आगे “न” लगाने पर वह “नमन” हो जाता है,
और
पीछे “न” लगाने पर “मनन” हो जाता है ।
जीवन में नमन और मनन करते चलिए,
जीवन सफल ही नहीं सार्थक भी हो जाएगा ।
(अंजना-शिवपुरी)
Hello.. Sir,
Calling from Old Age Home…
We saw Your Advertisement of Missing Dog.
It has come here and is playing with Your “Mother” !!
कुछ ग़ैर ऐसे मिले
जो मुझे अपना बना गए…!
कुछ अपने ऐसे निकले,
जो गैर का मतलब बता गए…!
दोनों का शुक्रिया ।
(मंजू)
अयोध्या से वापस आने पर माँ कौशल्या ने पूछा…
“रावण” को मार दिया ?
भगवन श्रीराम ने सुन्दर जवाब दिया…
महाज्ञानी, महाप्रतापी, महाबलशाली, प्रखंड पंडित, महान भक्त को “मैंने” नहीं मारा,
उसे “मैं” ने मारा ।
(एकता – पुणे)
हिंसा में यदि किसी को भलाई दिखती भी है तो वह अस्थायी ही होगी,
पर बुरायी, हमेशा स्थायी होती है ।
महात्मा गाँधी
इनसान अपने शरीर की
“शुगर” तो हर समय ही
चैक कराता रहता है ।
अगर वह अपनी जीभ
की “कड़वाहट” को भी
चैक करवाये तो …
परेशानीयाँ ही खत्म हो जायें ।
“वाणी” को “वीणा” बनाएं, “बाण” न बनाएं।
“वीणा” बनेगी तो जीवन में संगीत होगा ,
“बाण” बनेंगे तो जीवन में महाभारत होगा !
(आर.के.गुप्ता)
Since childhood we are made used to Denial of reality.
For us to raise our life to a new height,
we need to over-come this habit,
and
become vigilant to power of our conscience.
सबसे सरल है…विश्वास न करना,
सरल है…………विश्वास तोड़ना,
कठिन है………..विश्वास करना,
और
सबसे कठिन है…विश्वास बनाये रखना ।
परेड में “About Turn” बोलते ही,
पहला आदमी आख़िरी और आख़िरी आदमी पहले नंबर पर आ जाता है।
जीवन में कभी आगे होने का घमंड
और आख़िरी होने का ग़म न करें,
पता नहीं कब ज़िंदगी “About Turn” बोल दे।
(आर.के.गुप्ता)
हे ईश्वर !
आईना साफ किया तो “मैं” नजर आया,
और “मैं” को साफ किया तो “आप” नजर आये ।
(श्रीमति शर्मा)
दुनिया बिलकुल वैसी है..
जैसी आप इसे देखना पसंद करते हैं ।
चाहे तो कीचड़ में कमल देख लो
या
चाँद पे दाग ।
There are THREE sides of every thing…
your’s,
there’s
and
the TRUTH.
So, don’t believe every thing you hear or you think.
(Swati-Bhopal)
आज़ाद रहना चाहते हो तो दूसरों को गुलाम मत बनाओ,
दूसरों* की गुलामी मत करो ।
*क्या हम अपने ही सेवकों / अपनी आदतों और अपनी सुविधाओं के गुलाम नहीं हैं ?
चिंतन
A Pessimist sees a difficulty in every opportunity;
an Optimist sees an opportunity in every difficulty.
नदी में गिरने से किसी की जान नहीं जाती,
जान तभी जाती है जब तैरना नहीं आता ।
परिस्थितियाँ कभी समस्या नहीं बनतीं,
समस्या तभी बनती है जब हमें परिस्थितियों से निपटना नहीं आता ।
(सुरेश)
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