Category: वचनामृत – मुनि श्री क्षमासागर
मोह
April 30, 2016
फलदार पेड़ों से फल गिरते रहते हैं, पर नये नये फल लगते रहते हैं । क्यों ? क्योंकि मोह की जड़ें बड़ी गहरी हैं, वे
संसार के सुख दु:ख
April 28, 2016
दो बच्चे देरी से स्कूल पहुँचे । कारण ! पहले का सिक्का गिर गया था । दूसरा सिक्के पर पैर रक्खे खड़ा रहा था ।
अपना
March 13, 2016
जिसे पाकर लगे कि अपने को पा लिया, समझना कि वह अपना है; जिसे पाकर लगे कि अपने को खो दिया, तो मानना कि वह
संवेदना
March 12, 2016
जहाँ तरलता थी, मैं डूबता चला गया ; जहाँ सरलता थी, मैं झुकता चला गया ; संवेदनाओं ने मुझे जहाँ से छुआ, मैं वहीं से
असाधारणता
February 20, 2016
असाधारण कहलाने की चेष्टा न करें, बल्कि साधारण रहकर असाधारणता को हासिल करें ।
सत्य
February 16, 2016
सत्य की भूख तो सबको होती ही है. पर.. जब सत्य परोसा जाता है तो बहुत कम लोगो को उसका स्वाद पसंद आता है। यदि
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