Category: डायरी
Analysis
August 26, 2019
ज्यादा Analysis करने से Paralysis हो जाती है ; करना ही है तो अंतरंग विकारों का करें, बाह्य परिस्थितियों का नहीं ।
उत्साह
August 21, 2019
प्रसन्न रहना है तो हर काम उत्साह से करो । जो समाधि-मरण के प्रति भी उत्साह रखते हैं, वे ज़िंदगी भी उत्साह/प्रसन्नता पूर्वक जीते हैं
अभिमान / स्वाभिमान
August 19, 2019
अभिमान – मैं औरों से बड़ा, स्वाभिमान – मैं औरों से छोटा नहीं ।
राग
August 16, 2019
वीतराग धर्म कहता है – चोर (द्वेषादि) को नहीं, चोर की माँ (राग) को पकड़ो । डॉ.वीरसागर जी जैन
भगवान का नाम
August 14, 2019
गाड़ी पकड़ी जाने पर किसी बड़े आदमी का नाम लेने पर पुलिस छोड़ देती है, ऐसे ही भगवान का नाम लेने पर कर्म छोड़ देते
पाप
August 12, 2019
पाप को भूमि से भारी इसलिये कहा है क्योंकि पत्थर तो समुद्र की तलहटी तक ही जाता है पर पाप तो नरक/जन्मजन्मांतरों तक जाता है
सफलता
August 11, 2019
सफलता वह… जिसमें असफल होने पर भी सफलता जैसा समता का भाव/संतुष्टि रहे ।
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