Category: डायरी

बोल

पशु बोल नहीं सकते इसलिये दुःख सहते हैं । इंसान के बोलने पर संयम नहीं है, इसीलिये दुःख को निमंत्रण देते हैं ! ???????????????????????? जय

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सुख / दुःख

मैंने दिया है, मुझे पाना है- यह भाव दुःख का रास्ता है। मैंने पाया है, मुझे देना है- यह भाव सुख का रास्ता है। (मंजू)

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समता

समतल भूमि पर चलना आसान, समतल खेत में पैदावार अधिक । समता भाव से परिवार, देश भी सुचारू रूप से चलते हैं ।

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सत्य / असत्य

सत्य सूली पर चढ़कर (मृत्यु के बाद) भी जीवित रहता है, असत्य सिंहासन पर बैठकर भी अमर नहीं होता ।

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प्रेम / मोह

प्रेम समरसता से साथ रहना, मोह जिसके बिना न रहा जाय । मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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सुनना / सुनाना

सुन लेने से कितने सारे सवाल सुलझ जाते हैं, सुना देने से हम फिर से वहीं उलझ जाते हैं ! (सुरेश)

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मंगल आशीष

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