Category: डायरी

मूर्ख

मूर्ख— वो जो जेल से छूटकर आने पर आरामदायक/सुखदायक घर में जेल की याद करे । और हम ! भगवान के मंदिर में घर की

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न्याय / समाधान

समस्या आने पर न्याय नहीं, समाधान होना चाहिये; क्योंकि… न्याय में एक के घर दीप जलते हैं, लेकिन दूसरे के घर अँधेरा होता है ।

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भोग और पुण्य

क्या 2 रोटी खाने वाले से 10 रोटी खाने वाले का पुण्य ज्यादा होता है ? नहीं, यदि 2 रोटी खाने वाला, 10 रोटी वाले

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बचपन

बचपन कैसे संजोकर रखें ? सहज, सरल और निर्मल बन कर । कैसे बनें ? सहज – स्वीकृति से, अकृतिमताओं को कम करके – सरल,

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संसार बुरा क्यों ?

किसी व्यवसाय में खर्चा/परेशानी ज्यादा, कमाई /सुकून कम हो तो उसको बुरा कहोगे ना ? संसार में भी सुख (सुखाभास) कम, दु:ख ज्यादा, इसलिये बुरा

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स्वयं से प्रेम

संसार में सबसे ज्यादा प्रेम स्वयं से होता है, इसके कारण ही व्यक्ति संसार की ओर भागता है, तथा संसार से दूर भी भागता है,

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मंगल आशीष

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