Category: डायरी

भाव

भाव सहित बिना माला (उँगलियों पर) के भी मालामाल हो सकते हैं । भाव रहित सोने की माला फेरने से भी सूने रह सकते हैं

Read More »

एहसास

नीचे से ऊपर (वालों साधु आदि) का अनुमान गलत ही होगा, ऊपर से नीचे देखने पर तो चक्कर आ जाते हैं । सही एहसास/अनुमान समान

Read More »

शाकाहार

आम आदमी को मांसाहार में हिंसा के बारे में कम, शाकाहार के फायदे, शरीर की निरोगता, भावों पर असर/संवेदनशीलता के बारे में ज़्यादा समझाऐं ।

Read More »

ख़राब समय

“समय” जब नाच नचाता है ना साहिब ! तब सारे सगे-संबंधी काेरियाेग्राफर बन जाते हैं !! (डॉ.अमित राजा)

Read More »

ग़लतफ़हमी

ग़लतफ़हमियों के सिलसिले इतने दिलचस्प हैं….. हर ईंट सोचती है, दीवार मुझ पर टिकी है…..!! (सुरेश)

Read More »

ख़्वाहिश

ज़िंदगी में सारा झगड़ा ही ख़्वाहिशों का है, ना तो किसी को ग़म चाहिए…. और ना ही किसी को कम….। (धर्मेंद्र)

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

June 4, 2017

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031