Category: डायरी
पुरुषार्थ / भाग्य
November 6, 2016
अच्छा करना पुरुषार्थ है, जिसके लिये अच्छा किया गया वह अच्छा माने, यह भाग्य है ।
आरोग्य
November 5, 2016
चारों पुरुषार्थ का मूल है आरोग्य, पर स्वस्थ आरोग्य, स्वस्थता, तन के साथ मन की भी ।
विनम्रता
November 4, 2016
ऊँचा उठने के लिए पंखों की ज़रुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है, उतना ही ऊपर उठता है
विनम्रता
November 2, 2016
पहाड़ चढ़ने वाला व्यक्ति झुककर चलता है, और उतरने वाला अकड़ कर चलता है | कोई अगर झुककर चल रहा है, मतलब ऊँचाई पर जा
Health / Mind
November 1, 2016
The Best Remedy For A Healthy Body Is “A Happy Mind.” And The Best Medicine For A Happy Mind Is “Never Mind” (Manju)
परिणति
October 31, 2016
भीति, प्रीति, प्रतीति होने पर जीवन की परिणति सुधरती जाती है/जीवन का उत्थान हो जाता है ।
अच्छे लोग
October 27, 2016
अच्छी किताबें, और अच्छे लोग…! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है । (मंजू)
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