Category: डायरी

आरोग्य

चारों पुरुषार्थ का मूल है आरोग्य, पर स्वस्थ आरोग्य, स्वस्थता, तन के साथ मन की भी ।

Read More »

विनम्रता

ऊँचा उठने के लिए पंखों की ज़रुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है, उतना ही ऊपर उठता है

Read More »

विनम्रता

पहाड़ चढ़ने वाला व्यक्ति झुककर चलता है, और उतरने वाला अकड़ कर चलता है | कोई अगर झुककर चल रहा है, मतलब ऊँचाई पर जा

Read More »

Health / Mind

The Best Remedy For A Healthy Body Is “A Happy Mind.” And The Best Medicine For A Happy Mind Is “Never Mind” (Manju)

Read More »

परिणति 

भीति, प्रीति, प्रतीति होने पर जीवन की परिणति सुधरती जाती है/जीवन का उत्थान हो जाता है ।

Read More »

नियति

जो होता है, सही होता है, जो होना होता है, वही होता है ।

Read More »

अच्छे लोग

अच्छी किताबें, और अच्छे लोग…! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है । (मंजू)

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

November 6, 2016

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031