Category: डायरी
संगति
लुहार अग्नि जलाने पर उसे नमन करता है, पर उसी अग्नि को लोहे की संगति लेने पर पीटता है ।
अहंकार
“अहंकार” तभी उत्पन्न होता है जब गुणों का स्वामी यह भूल जाता है कि “प्रशंसा” वास्तव में उसकी नहीं बल्कि उसके “गुणों” की हो रही है।
कल्याण मार्ग
रूचिकर को छोड़, हितकर मार्ग । समस्या मार्ग को छोड़, तपस्या मार्ग ही मोक्ष मार्ग है ।
प्रमाद
संसार में तो प्रमादी को भी लाभ हो सकता है, प्रमुखता पुण्य की है । लेकिन परमार्थ में प्रमादी प्रगति नहीं कर सकता । रत्नत्रय
Remembrance of Past
Those who do not remember the PAST, are bound to repeat mistakes of the PAST. Those who repeatedly remember the PAST, are bound to be
परेशानी
चिंता करने से परेशानियाँ बढ़तीं हैं, ख़ामोश रहने से कम होती हैं , भगवान को याद करने से खुशियों में बदल जाती हैं । (अंजना)
वचन
बोलने से पहले वचन आदमी के गुलाम होते हैं, बोलने के बाद आदमी वचनों का । (सुरेखा – भोपाल)
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