Category: डायरी

मानव

कितना अजीब है ना… 84 लाख योनियों में एक मानव ही धन कमाता है, पर अन्य कोई जीव कभी भूखा नहीं मरा, और मानव का

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Oneness

The oneness of human beings is the basic ethical thread that holds us together. (धर्म के क्षेत्र में इसे “एकत्व भाव” कहते हैं, जो मोक्ष

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मन

“मन” बड़ा चमत्कारी है, …. इसके …… आगे “न” लगाने पर वह “नमन” हो जाता है, और पीछे “न” लगाने पर “मनन” हो जाता है

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मैं

अयोध्या से वापस आने पर माँ कौशल्या ने पूछा… “रावण” को मार दिया ? भगवन श्रीराम ने सुन्दर जवाब दिया… महाज्ञानी, महाप्रतापी, महाबलशाली, प्रखंड पंडित,

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हिंसा

हिंसा में यदि किसी को भलाई दिखती भी है तो वह अस्थायी ही होगी, पर बुरायी, हमेशा स्थायी होती है । महात्मा गाँधी

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वाणी

इनसान अपने शरीर की “शुगर” तो हर समय ही चैक कराता रहता है । अगर वह अपनी जीभ की “कड़वाहट” को भी चैक करवाये तो

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विश्वास

सबसे सरल है…विश्वास न करना, सरल है…………विश्वास तोड़ना, कठिन है………..विश्वास करना, और सबसे कठिन है…विश्वास बनाये रखना ।

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घमंड

परेड में “About Turn” बोलते ही, पहला आदमी आख़िरी और आख़िरी आदमी पहले नंबर पर आ जाता है। जीवन में कभी आगे होने का घमंड और आख़िरी

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मैं / ईश्वर

हे ईश्वर ! आईना साफ किया तो “मैं” नजर आया, और “मैं” को साफ किया तो “आप” नजर आये । (श्रीमति शर्मा)

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मंगल आशीष

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