Category: डायरी

जीवन

इतना आसान नहीं , जीवन का किरदार निभा पाना । इंसान को बिखरना पड़ता है , रिश्तों को समेटने के लिए ।

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मन

जितना बड़ा “प्लोट” होता है उतना बड़ा “बंगला” नहीं होता, जितना बड़ा “बंगला” होता है उतना बड़ा “दरवाजा” नहीं होता, जितना बड़ा “दरवाजा” होता है

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आज़माना

हम भगवान को रोज आज़माते हैं, पर भगवान हमको कभी नहीं आज़माता कि हममें इंसानियत है या नहीं । (मंजू)

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एकता

एक बार अंगूर ????????????खरीदने के लिए एक फल बेचने वाले के पास रुका.. पूछा: क्या भाव है गुच्छों???????????????????????????? का ? बोला : 80 रूपये किलो

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श्रेष्ठता

आदमी साधनों से नहीं, साधना से, भवनों से नहीं, भावना से, उच्चारण से नहीं, उच्च-आचरण से श्रेष्ठ बनता है । (अरुणा)

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हौसला

हार जाओ, पर हारे मत रह जाना । रास्ता रुक जाये, पर रुके मत रह जाना ; (Diversion ले लेना, पर पीछे मत भागना) जीत

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लोभ

लोभ को अभी जीतने का प्रयास करें- क्योंकि “मानव जब बूढ़ो भयो, तृष्णा भई जवान” (धर्मेंद्र)

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ज़िंदगी

ज़िंदगी जब भी लगा कि तुझे पढ़ लिया । तूने अपना एक पन्ना और खोल दिया । (मंजू)

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मरण

जो सिर्फ़ अपने लिये जीता है उसका मरण होता है, और जो औरों के लिये जीता है उसका स्मरण । (डा.अमित)

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मंगल आशीष

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