Category: डायरी
सुख और उम्र
जिंदगी भर “सुख” कमाकर दरवाजे से घर में लाने की कोशिश करते रहे। पता ही ना चला कि कब खिड़कियों से “उम्र” निकल गई !!
सराहना / दगा
संभाल के रखना अपनी पीठ को , शाबाशी हो या ख़ंजर दोनों के निशान पीठ पर ही मिलते हैं । (डा.पी.एन.जैन)
Intelligence
We all are born Genius, company makes us idiots. जैसे गधों की संगती में रहकर शेर भी गधों जैसा व्यवहार करने लगता है ।
स्वभाव
मनुष्य का स्वभाव – आधा सुनना, चौथाई समझना, शून्य पर चिंतन करना, पर प्रतिक्रिया दुगनी करना । (अरुणा)
छल
छल का आशय यदि धर्म हो, तो छल भी धर्म बन जाता है । (जैसे माँ बच्चे की सेहत का ख्याल करके लड़्ड़ू छुपा देती
Relationship
The purpose of relation is not to have someone who may be with you completely But To have someone with whom you can share Your
जीवन
जीवन, मृत्यु की ओर जाने की अविरत यात्रा है । क्या हम जीवन भर, सब कुछ मृत्यु के लिये ही नहीं कर रहे !!
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