Category: डायरी
प्रण
धर्म पेड़ है, प्रण शाखा, करुणा जड़ , बिना करुणा के धर्म और प्रण लकड़ा बन जाते हैं । महाभारत
पूजा
भारत आदि में हिन्दू, सूरज की पूजा करते हैं, काबुल आदि में चाँद की । जहाँ-जहाँ ठंडक रहती है, वहाँ-वहाँ सूरज की पूजा, तपस वाली
Insult
If you are insulted, consider him “in-tension”, not with “intension” (Intention) (Parul-Delhi)
समीपता / दूरियाँ
कुँआ इतना दूर ना हो कि शुद्ध पानी भी ना पी पायें, इतना पास भी न हो कि खतरा हो जाय । गुरू के अति
Decision
Never base your decisions on advice from people who don’t have to deal with the results. (Parul-Delhi)
बदला/न्याय
पुराना घाव औषधि बन जाता है । पुराना अपमान, बदले की जगह न्याय की चाहत बन जाता है ।
Life
Each moment of your life is a picture which you had never seen before & which you’ll never see again. So enjoy life & make
कडवा सच
एक और ईंट गिर गई दीवार-ए-जिंदगी से: नादान कह रहे हैं, नया साल मुबारक हो..!!
2016
1) कहावत सुनी थी समय किसी का सगा नहीं होता है…… ”रोज़ कैलेंडर तारीख बदलता है और आज की तारीख ने कैलेंडर को बदल दिया….!!
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