Category: डायरी
पुरुषार्थ
पुरुष (आत्मा) तक पहुँचने वाले को पुरुषार्थी कहते हैं । समग्र-4 अंदर/तिजोरी तक सेठ ही पहुँचता है, सेवक तो बाहर बाहर ही रहता है/उलझा रहता
ज्ञानी
ज्ञान का सार्थक* प्रयोगी ही ज्ञानी है । श्री लालमणी भाई *आत्म शुद्धता
Value
The biggest obstacle to our happiness is “Under Valuing” what we have & “Over Valuing” what others have…… (Br. Sanjay)
आत्मा की आवाज
आत्मा की आवाज पुलिस जैसी होती है, जब तक उथल पुथल होती रहती है सुनाई नहीं देती, शांति होने पर ही पुलिस की तरह आती है
संगति
यदि वातावरण का असर न होता, तो संतरा नागपुर में तथा सेब काश्मीर में ही पैदा क्यों होते हैं ? श्री के. सी. पचौरी (S.S./ N.Rly.)
Success
Don’t go the way life takes you . Take life the way you go . You are born to live & not living because you
पाप/पुण्य
पाप और पुण्य फुटबॉल के खेल की दो टीमें हैं। कम से कम पाप के गोल पुण्य से अधिक मत होने देना, पुण्य को जिताने
Fasting
Give your body and mind a chance to break out of a pattern and give it a new direction. Fasting is a gift to an
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