मंदिर में टूटी हुई वस्तु नहीं रखी जाती तो टूटा हुआ मनुष्य क्यों जाता है ?
टूटी हुई वस्तु जुड़ नहीं सकती, पर टूटा हुआ मनुष्य जुड़ सकता है ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

धन ना काला होता है ना ही सफेद !
धनवान और उसका मन काला/सफेद होता है ।
और काले को सफेद करने का उपाय वही है, जो काला कोयला सफेद करने का होता है ।
– जलने/तपने/सफेद राख में परिवर्तित होने से ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

प्रभु!
पर्वत के चरणों में रहने वाली जमीन को चाहे तलहटी कहलाने का गौरव मिलता हो,
परन्तु,प्रभु!
आपके चरणों में रहने वाले भक्त को तो आपका ही पद मिल जाता है।

सुख तात्कालिक होता है ।
हित कागज़ों में लगे पिन जैसा होता है जो जोड़कर तो रखता है पर चुभता भी है ।
क्यों ना हम Clip बन जाय – सुखकारी भी, हितकारी भी ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

जीवन में जब भी हम ख़राब दौर से गुजरते हैं… तब मन में यह विचार ज़रूर आता है कि…

परमात्मा मेरी परेशानी देखता क्यों नहीं है !
मेरे दुःख कम क्यों नहीं करता !!
पर याद रखना…
जब परीक्षा चल रही होती है, तब शिक्षक मौन रहता है !

(मँजु)

ज्ञान पूर्ण नहीं तो धर्म को भी अपूर्ण मानें ?
ज्ञान अभिव्यक्ति है इसलिये अपूर्ण, धर्म अनुभूति है इसलिये पूर्ण ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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April 8, 2022

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