नदी में गिरने से किसी की जान नहीं जाती,
जान तभी जाती है जब तैरना नहीं आता ।

परिस्थितियाँ कभी समस्या नहीं बनतीं,
समस्या तभी बनती है जब हमें परिस्थितियों से निपटना नहीं आता ।

(सुरेश)

25 से 50 वर्ष तक चिंता करते हैं…
“लोग क्या कहेंगे !”

50 वर्ष के बाद समझ आता है…
लोगों को पड़ी ही नहीं है, तुम्हारे बारे में कुछ कहने के लिये लोगों के पास समय ही नहीं है ।

(कट्टू-विदिशा)

जब दिमाग़ कमज़ोर होता है,
परिस्थितियाँ समस्या बन जाती हैं।

जब दिमाग़ स्थिर होता है,
परिस्थितियाँ चुनौती बन जाती हैं।

किंतु जब दिमाग़ मज़बूत होता है,
वही परिस्थितियाँ अवसर बन जाती हैं।

(सुरेश)

तू ज़िंदगी को जी…
उसे समझने की कोशिश ना कर ।
चलते वक्त के साथ तू भी चल,
वक्त को बदलने की कोशिश ना कर ।
दिल खोलकर साँस ले,
अंदर-अंदर ही घुटने की कोशिश ना कर ।
कुछ बातें भगवान/भाग्य पर छोड़ दे,
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश ना कर ।

(मंजू)

जंगल में दो मूर्तियाँ मिलें…
एक राम की, पत्थर की,
दूसरी रावण की, सोने की ।
कौनसी घर ले जाओगे ?

99% लाभ को प्रमुखता देते हैं, धर्म भी लाभ के लिये करते हैं ।

(कट्टू-विदिशा)

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April 8, 2022

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