भगवान जब हर जगह विद्यमान है तो मंदिर जाने की क्या जरूरत ?

हवा जब हर जगह है तो टायर में हवा भरवाने के लिये पंप स्टेशन जाने की क्या जरूरत ?
क्योंकि हर जगह हवा का concentration नहीं होता, इसलिये पंप स्टेशन पर ही जाना होता है ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

घर का मुखिया मुख की तरह होना चाहिए ।
मुख खाना खाकर शरीर (परिवार/समाज) के सब अंगों तक बिना भेदभाव के पहुँचाता है ।

मुनि श्री निर्णयसागर जी

प्रैस किये हुये कपड़ों पर थोड़ी देर में ही सलवटें पड़ जाती हैं ।
युवा शरीर पर भी झुर्रियाँ पड़ती ही हैं ।

फिर इस शरीर की देखभाल करने में इतना समय क्यों बरबाद करते रहते हैं !!

चिंतन

कुत्तों के पास से कार गुजरते ही वो उसके पीछे दौड़ने लगते हैं और भौंकते हैं ।
क्या सोचते होंगे वे कुत्ते ?
गाड़ी को रोक कर उसके मालिक बन जायेंगे ?
गाड़ी को चलायेंगे ?

नहीं वो तो सिर्फ पीछा करते हैं, ना कभी मालिक बनेंगे और ना वो गाड़ी कभी उन्हें सुख दे पायेगी ।

( Dr P. N. Jain)

सांसारिक सुख भी ऐसा ही है, पूरी दम लगा कर हम उसके पीछे दौड़ रहे हैं, ना वह कभी हमारे हाथ आयेगा और ना ही हम को सुख शांति दे पायेगा ।

स्वतंत्रता, विदेशियों से मुक्ति पाने में,
पूर्ण स्वतंत्रता, आंतरिक कमजोरियों से मुक्ति पाने में ।

विदेशियों से घ्रणा करके उनको दूर कर दिया,
पर देश से प्रेम करना नहीं सीख पाये ।

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031