क्षमा रूपी तलवार जिसके हाथ है, दुर्जन उसका क्या कर सकता है।
जैसे ईंधन से रहित स्थान में पड़ी हुई अग्नि स्वयं ही शांत हो जाती है।

(सम्यग्दर्शन पेज 374)

भूमिका यानि भूमि तैयार करना।
ध्यान रहे, हमारा जीवन भूमि तैयार करने में ही न निकल जाये।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

प्रश्न:- मेरे अच्छे कर्मों का इनाम कोई दूसरा ले जाये तो दुःख तो होगा न ?

श्रीमति शर्मा

उत्तर:-

  • शुभ कर्म करते ही आपकी भाग्य पुस्तिका में तुरन्त Entry हो जाती है ।
  • इस शुभ कर्म का यदि प्रचार प्रसार कराना चाहते हो तो पंड़ाल आदि लगाने का खर्चा कहां से आयेगा  ?
    आपकी ही पास-बुक से वह खर्चा निकाला जायेगा।
    क्या आप चाहते हैं कि आपकी जमा पूंजी कम हो  ?
  • क्या ये कम है कि आप उस कर्म से और अच्छे इन्सान बन गये ?

Projectile Motion अधिक से अधिक किसी वस्तु को दूर फेंकने के लिये Sin 2 Ø से Calculate किया जाता है।
इसमें यदि Ø = 45 ड़िग्री  हो तो Sin 2 Ø अधिक से अधिक यानि एक हो जायेगा।

सो अपने को अधिक से अधिक परिणाम लेने के लिये 45 ड़िग्री यानि बीच का रास्ता लेना होगा –
ना अकड़ के खड़े रहो ( 90 ड़िग्री नहीं ), ना किसी के सामने लेटो ( 0 ड़िग्री नहीं ) ।

मुनि श्री अनुभव सागर जी

एक विद्यार्थी C.A. में तीन बार फेल होकर आचार्य श्री विद्यासागर जी के पास बड़ा निराश होकर आया।

आचार्य श्री – तुम्हारा अनुभव तो बढ़ा न ?

आचार्य श्री विद्यासागर जी

गिलास भर के चलना है।
पानी छलके नहीं और गिलास भी पूरा भरा रहे।

मुनि श्री अनुभव सागर जी

( जीवन में Balancing बहुत महत्वपूर्ण है ।
ग्लास भरके चलना यानि full efficiency,
पानी ना छलकने देना यानि no wastage/ caring attitude । )

सड़क बनाने वाला इन्जीनियर बहुत ज्ञान प्राप्त करके सड़क बनाता है,
बिना पढ़ा लिखा यात्री उस सड़क से अपनी यात्रा पूरी कर लेता है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

Its 13th day of fast of Muni Shri Maitriprabh Sagar Ji.
Everyone might be aware that Jain Muni don’t even take water in fast.

Till now, no one has taken any interest in the issue.
The issue has also not been highlighted by media.

Please take some urgent action whatever one can take.

Visit Ahimsasangh for the detailed news.

श्री चन्द्र प्रकाश मित्तल

किसी फैक्ट्री में Output तभी तक मिलेगा, जब तक Input मिलते रहेंगे ।
वर्ना कितनी भी बढ़िया मशीनरी और मैनेजमेन्ट हो तो भी फैक्ट्री बंद हो ही जायेगी ।

यदि हम सुनना रोक देंगे या कम कर देंगे और बोलते ही रहेंगे तो क्या हमारी शरीररूपी फैक्ट्री चल पायेगी ?
पर हम तो Input आने से पहले ही Output निकालना शुरू कर देते हैं  ।
हां, Input में Filter तो रहना चाहिये, वरना खराब Input से फैक्ट्री की मशीनरी खराब हो जायेगी ।
यदि अच्छा Input उपलब्ध न हो, तो अपनी ही फैक्ट्री का बना अच्छा Product (भगवान के नाम का Raw material ) ड़ालते रहें ताकि मशीन Idle न चले, मशीन खराब न हो जाये ।
फैक्ट्री की बढ़ोतरी के लिये, अच्छा और लगातार Input देना होगा ।

चिंतन

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