जीवन, मृत्यु की ओर जाने की अविरत यात्रा है ।
क्या हम जीवन भर, सब कुछ मृत्यु के लिये ही नहीं कर रहे !!

भारत आदि में हिन्दू, सूरज की पूजा करते हैं,
काबुल आदि में चाँद की ।
जहाँ-जहाँ ठंडक रहती है, वहाँ-वहाँ सूरज की पूजा,
तपस वाली जगहों पर चाँद की ।

डा.विनोद जैन-ग्वालियर

1) कहावत सुनी थी समय किसी का सगा नहीं होता है……
”रोज़ कैलेंडर तारीख बदलता है और आज की तारीख ने कैलेंडर को बदल दिया….!!

2) पूरी होने लायक आशायें पूरी हों,
पूरी न होने लायक, शांत हों ।

3) Cheers to 2016,
and another chance to get it right.

4) धीरे-धीरे सब छोड़कर चले जाते हैं,
2015 तो सिर्फ एक साल था ।

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April 8, 2022

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