जिसे गुण की पहचान
नहीं है….,
उसकी प्रशंसा से डरो
एवं जो गुण का जानकार है….
उसके मौन से डरो… !!
( धर्मेंद्र)
“दरिया” बन कर किसी को डुबाना बहुत आसान है,
मगर “जरिया” बनकर किसी को बचायें तो कोई बात बने ।
Wind never flows in fixed direction.
It is upto us to change the direction in our favour.
(Pranjal)
प्रेम की भाषा को तो गूँगा भी बोल सकता है ,
और बहरा भी सुन सकता है ।
Justice & Power must be brought together,
so that whatever is just, may be powerful;
& whatever is powerful, may be just.
हारना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपनों से हो,
जीतना तब, जब लड़ाई अपने से हो ।
माफ़ कर दो उनको, जिनको तुम भूल नहीं सकते;
भूल जाओ उनको, जिनको तुम माफ़ नहीं कर सकते ।
(गुड़िया शर्मा-पुणे)
कर्मोदय/पीड़ा की अस्वीकारता में पीड़ा है, स्वीकारता में नहीं ।
पुण्य – उपयोग से,
पाप – उपभोग से ।
Faith sees / believes the invisible,
and receives the impossible / incredible.
दया से पुण्य,
देवदर्शन से दिशाबोध ।
संसार में सुख, दर्पण में मुख होता नहीं, दिखता है ।
साधनों में नहीं साधना से, साध्य को पाने में मिलता है ।
आर्यिका श्री सौम्यमति माताजी
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