Category: डायरी
सिर झुकाना
February 4, 2018
सिर झुकाने की ख़ूबसूरती भी क्या कमाल की होती है.. धरती पर सर रखो और दुआ आसमान में क़बूल होती है । (मंजु)
आलोचक
February 1, 2018
ईश्वर ने हमारे शरीर की रचना कुछ इस प्रकार की है कि ना तो हम अपनी पीठ थपथपा सकते हैं , और ना ही स्वयं
भारतीय संस्कृति
January 29, 2018
राम के बिना मांगे, राज्य दिया; माँ, बिना मांगे भोजन देती है; भगवान से मांगने की जरूरत नहीं, बिना मांगे मिलेगा ।
आलोचना
January 28, 2018
ज्योति की कालिख़, धुंआ है । (मानवीय गुणों की कालिख़ आलोचना है) मुनि श्री प्रमाणसागर जी
सुख / आनंद
January 27, 2018
अकारण सुख प्राप्ति को आनंद कहते हैं। (श्रीमति शर्मा) कारणों में सुख ढूढना बंद कर दें, तब आत्मा का स्वाभाविक आनंद स्वत: ही आने लगेगा।
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