Category: डायरी

उत्तम क्षमा

क्षमा हमारा स्वभाव है । क्षमा शब्द “क्षम” धातु से बना है, जिसका अर्थ है “सामर्थ्य” । जो जितना सामर्थ्यवान होगा, उसे उतना ही क्षमावान

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अप्रैल फूल

हम पर 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया, उस समय लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से अपना नया साल मनाते थे, आज भी

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मौन

जब वाणी मौन होती है, तब मन बोलता है; जब मन मौन होता है, तब आत्मा बोलती है; जब आत्मा मौन होती है, तब परमात्मा

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संस्कृति

इसके पालन से विकृति से बचते हैं । जिस दूध के संस्कार कर दो वह दूध फटता नहीं/विकृत नहीं होता है ।

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देवों के प्रकार

2 प्रकार – आराध्य – जो की पूज्यता के दायरे में आते हैं । इष्ट – जिनकी नित्य पूजा करते हैं । संकट के समय

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भाव / क्रिया

इन दोनों में महत्त्वपूर्ण कौन ? गुरू पर Attack करने वाले से बचाने वाला युद्ध करता है – क्रिया दोनों Same, पर भाव अलग अलग;

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वचन

ज़ुबान यदि कठोर बोलने के लिये बनी होती, तो नियति उसमें हड्डी तो ड़ाल देती ।

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भगवान की आज्ञा

भगवान/गुरु का कहा कर ना पाओ तो ना सही, कम से कम वो तो मत करो, जिसकी उन्होंने मनाही की है (जिसे उन्होंने पाप कहा

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मंगल आशीष

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